महाराष्ट्र का राज्य पक्षी — हरियल (यलो-फ़ुटेड ग्रीन पिजन)
महाराष्ट्र का 'हरियल' कभी ज़मीन पर पानी नहीं पीता — यह अद्भुत मान्यता इसे राज्य पक्षी बनाने का कारण बनी।
पहचान
जैतूनी-हरा शरीर, पीले पैर, कंधे पर बैंगनी धब्बा। नर के सीने पर नारंगी झलक, मादा पूरी हरी। 33 सेमी।
आवास और आहार
पश्चिमी घाट, ताड़ोबा, संजय गांधी NP। बरगद-पीपल-पीपली के फल जान — जंगल का 'बीज-वाहक माली'।
मराठी मान्यता
'हरियल कधीच ज़मिनीवर पाणी पीत नाही' — पेड़ों की गोहर या ओस से प्यास बुझाता है। यह वैज्ञानिक रूप से सच है।
कहाँ देखें
ताड़ोबा, भीमाशंकर, संजय गांधी NP — मार्च–जून फलों के मौसम में।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सच में ज़मीन पर पानी नहीं पीता?
काफ़ी हद तक सच — पेड़ों की गोहर, ओस और फलों से पानी लेता है।
किन शहरों में मिलता है?
मुंबई (SGNP), पुणे (सिंहगड), नागपुर, पूरे पश्चिमी घाट के बरगद पेड़ों में।
क्या लुप्तप्राय है?
Least Concern, पर पेड़-कटाई से महाराष्ट्र में संख्या घट रही है।
दूसरे राज्यों के पक्षी
- राजस्थान — गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड)
- उत्तर प्रदेश — सारस क्रेन
- उत्तराखंड — हिमालयन मोनाल (मुनाल)
- पंजाब — मोर
- गुजरात — ग्रेटर फ्लेमिंगो (सुरख़ाब)
- असम — सफ़ेद पंख वाली बत्तख
- बिहार — गौरैया (हाउस स्पैरो)
- तमिलनाडु — ज़मरुदी कबूतर (एमराल्ड डव)
- कर्नाटक — इंडियन रोलर (नीलकंठ)
- पश्चिम बंगाल — व्हाइट-थ्रोटेड किंगफ़िशर (किलकिला)
- मध्य प्रदेश — दूधराज (पैराडाइज़ फ़्लाईकैचर)
- केरल — मलाबार धनेश (ग्रेट हॉर्नबिल)
- आंध्र प्रदेश — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- तेलंगाना — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- ओडिशा — नीलकंठ (इंडियन रोलर)
- छत्तीसगढ़ — पहाड़ी मैना (हिल मैना)
- झारखंड — एशियन कोयल
- हिमाचल प्रदेश — पश्चिमी ट्रैगोपैन (जुजुराना)
- जम्मू और कश्मीर — काली गर्दन वाला सारस
- लद्दाख — काली गर्दन वाला सारस
- अरुणाचल प्रदेश — ग्रेट हॉर्नबिल
- नागालैंड — ब्लीथ ट्रैगोपैन
- मणिपुर — नोंगिन (मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट)
- मेघालय — पहाड़ी मैना
- मिज़ोरम — मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट
- त्रिपुरा — हरी शाही कबूतर
- सिक्किम — रक्त-लाल फ़ीज़ेंट (ब्लड फ़ीज़ेंट)
- गोवा — पीले-गले वाली बुलबुल (फ़्लेम-थ्रोटेड)
- हरियाणा — काला तीतर
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