🪶पंख कथा

महाराष्ट्र का राज्य पक्षी — हरियल (यलो-फ़ुटेड ग्रीन पिजन)

महाराष्ट्र का 'हरियल' कभी ज़मीन पर पानी नहीं पीता — यह अद्भुत मान्यता इसे राज्य पक्षी बनाने का कारण बनी।

पहचान

जैतूनी-हरा शरीर, पीले पैर, कंधे पर बैंगनी धब्बा। नर के सीने पर नारंगी झलक, मादा पूरी हरी। 33 सेमी।

आवास और आहार

पश्चिमी घाट, ताड़ोबा, संजय गांधी NP। बरगद-पीपल-पीपली के फल जान — जंगल का 'बीज-वाहक माली'।

मराठी मान्यता

'हरियल कधीच ज़मिनीवर पाणी पीत नाही' — पेड़ों की गोहर या ओस से प्यास बुझाता है। यह वैज्ञानिक रूप से सच है।

कहाँ देखें

ताड़ोबा, भीमाशंकर, संजय गांधी NP — मार्च–जून फलों के मौसम में।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सच में ज़मीन पर पानी नहीं पीता?

काफ़ी हद तक सच — पेड़ों की गोहर, ओस और फलों से पानी लेता है।

किन शहरों में मिलता है?

मुंबई (SGNP), पुणे (सिंहगड), नागपुर, पूरे पश्चिमी घाट के बरगद पेड़ों में।

क्या लुप्तप्राय है?

Least Concern, पर पेड़-कटाई से महाराष्ट्र में संख्या घट रही है।

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