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मई — घोंसले और चूज़े
अधिकांश स्थानीय पक्षियों के घोंसलों में अंडे या नवजात बच्चे हैं। शोर मचाने वाले मैना और कौवे सबसे अधिक दिखेंगे।
सर्वोत्तम स्थान: शहरी पेड़, खंडहर, पुरानी इमारतें
भारत में हर महीना अलग पक्षी कहानी कहता है। प्रवासी पक्षियों का आगमन, प्रजनन ऋतु, मानसून का जादू — सब एक जगह।
अधिकांश स्थानीय पक्षियों के घोंसलों में अंडे या नवजात बच्चे हैं। शोर मचाने वाले मैना और कौवे सबसे अधिक दिखेंगे।
💡 युक्ति: सुबह 6–8 बजे और शाम 4–6 बजे पक्षी सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। दूरबीन साथ रखें।