🪶पंख कथा

झारखंड का राज्य पक्षी — एशियन कोयल

झारखंड के आदिवासी लोकगीतों में 'कुहू-कुहू' की गूँज — 2000 में राज्य बनने पर कोयल राज्य पक्षी।

पहचान

नर पूरी काली-नीली चमक, आँख लाल; मादा भूरी-चित्तीदार सफ़ेद बिंदुओं के साथ। 39–46 सेमी।

बसंत का दूत

मार्च–जुलाई में नर की 'कुहू-कुहू' साल-जंगलों में गूँजती है — यह प्रजनन कॉल है, प्रेम-गीत नहीं।

आदिवासी संस्कृति

संथाल, मुंडा, हो जनजातियों के फ़सल-गीतों में 'कोइली' बसंत की सूचना देने वाली। सरहुल पर्व से जुड़ी।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपना घोंसला नहीं बनाती?

नहीं — ब्रूड पैरासाइट। कौवे के घोंसले में अंडे देती, कौवा पालता।

किस मौसम में बोलती?

मार्च–जुलाई प्रजनन काल में। सर्दियों में शांत।

कहाँ देखें?

बेतला NP, दलमा, नेतरहाट — पूरे साल, कॉल गर्मियों में।

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