उत्तराखंड का राज्य पक्षी — हिमालयन मोनाल (मुनाल)
उत्तराखंड का राज्य पक्षी हिमालयन मोनाल — 9 रंगों में चमकता 'हिमालय का इंद्रधनुष'। गढ़वाल-कुमाऊँ की स्थानीय भाषा में इसे 'मुनाल' या 'डाँफे' कहते हैं।
9 रंगों वाला रत्न
नर मोनाल के शरीर पर सचमुच 9 अलग-अलग धात्विक रंग चमकते हैं — सिर हरा-नीला, गर्दन तांबे जैसी, पंख नीले-बैंगनी-हरे, पीठ सफ़ेद, पूँछ गहरे भूरे, पेट काला। सूर्य की रोशनी में यह बदलते-बदलते दिखते हैं। मादा भूरी-मटमैली होती है ताकि घोंसले में छिपी रह सके। सिर पर एक तार जैसी कलगी होती है।
आवास और ऊँचाई
मोनाल 2,000 से 4,500 मीटर की ऊँचाई पर ओक और देवदार के जंगलों में रहता है। सर्दियों में यह नीचे उतर आता है (~1,800 मीटर) और गर्मियों में ऊपर बुग्यालों तक चला जाता है। ज़मीन पर खुरचकर कीड़े, बीज, कंद-मूल खाता है।
सांस्कृतिक महत्व
गढ़वाली-कुमाऊँनी लोकगीतों में मोनाल का ज़िक्र प्रेम और सुंदरता के प्रतीक के रूप में मिलता है। पहले पहाड़ी टोपी में मोनाल का पंख लगाया जाता था — यह अब क़ानूनन प्रतिबंधित है (Wildlife Protection Act 1972, Schedule I)। नेपाल का भी यही राष्ट्रीय पक्षी है।
क्यों चुना गया
2000 में उत्तराखंड बनने के तुरंत बाद 2001 में मोनाल को राज्य पक्षी घोषित किया गया। कारण — यह हिमालय की देन है, राज्य के हर ज़िले (हरिद्वार को छोड़कर) में मिलता है, और पहाड़ी संस्कृति में इसका गहरा स्थान है।
ख़तरे और सुरक्षा
यद्यपि IUCN में यह 'Least Concern' है, पंख के लिए अवैध शिकार, जंगलों की कटाई, और घूमने वाले पर्यटकों की भीड़ से घोंसले उजड़ना बड़े ख़तरे हैं। भारत में यह Schedule I में सूचीबद्ध है — शिकार पर 7 साल तक की क़ैद।
कहाँ देखें
केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य, नंदा देवी बायोस्फ़ीयर, फूलों की घाटी, बिनसर, चोपता-तुंगनाथ का रास्ता — सुबह-सुबह जब मोनाल घास पर ओस पीने आता है। अप्रैल-जून सबसे अच्छा समय — प्रजनन काल में नर खुले में दिखते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोनाल के कितने रंग होते हैं?
नर के शरीर पर 9 प्रमुख धात्विक रंग होते हैं — हरा, नीला, तांबे-नारंगी, बैंगनी, सफ़ेद, काला, पीला, कांस्य, और मोर-हरा। सूर्य के कोण पर ये बदलते दिखते हैं।
क्या मोनाल का पंख रखना क़ानूनी है?
नहीं। भारत में मोनाल Schedule I का पक्षी है — इसका कोई भी अंग, पंख, या मृत शरीर रखना/बेचना अवैध है। पर्यटकों को अगर पंख मिले तो वन-विभाग को सौंपें।
मोनाल और मोर में क्या अंतर है?
मोर मैदानी पक्षी है, मोनाल हिमालय का। मोर की पूँछ बड़ी और खुलने वाली होती है, मोनाल की छोटी। दोनों अलग परिवारों से हैं — मोनाल असल में तीतर-परिवार का है।
दूसरे राज्यों के पक्षी
- राजस्थान — गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड)
- उत्तर प्रदेश — सारस क्रेन
- पंजाब — मोर
- गुजरात — ग्रेटर फ्लेमिंगो (सुरख़ाब)
- असम — सफ़ेद पंख वाली बत्तख
- बिहार — गौरैया (हाउस स्पैरो)
- तमिलनाडु — ज़मरुदी कबूतर (एमराल्ड डव)
- कर्नाटक — इंडियन रोलर (नीलकंठ)
- पश्चिम बंगाल — व्हाइट-थ्रोटेड किंगफ़िशर (किलकिला)
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