तमिलनाडु का राज्य पक्षी — ज़मरुदी कबूतर (एमराल्ड डव)
तमिलनाडु का राज्य पक्षी ज़मरुदी कबूतर — पंखों पर पन्ने जैसा हरा रंग चमकता है, नीचे शरीर लाल-भूरा। यह दक्षिण भारत के सदाबहार वनों की शर्मीली रानी है।
पहचान
आकार में यह घरेलू कबूतर से थोड़ा छोटा (~25 सेमी) होता है। ऊपरी पंख गहरे धात्विक-हरे (मरकत/emerald), सिर और छाती लाल-भूरी, माथे पर सफ़ेद पट्टी (नर में), चोंच लाल। मादा में सिर पर हरा-कम, स्लेटी-ज़्यादा होता है।
आवास और व्यवहार
यह ज़मीन पर चलकर खाना खोजने वाला कबूतर है — गिरे हुए बीज, फल, कीड़े। सदाबहार और अर्ध-सदाबहार वनों की झाड़ियों में रहता है। ज़मीन पर आराम से चलता है, ख़तरा भाँपकर तेज़ी से क्षैतिज उड़ान भरता है — पेड़ों के बीच से।
क्यों चुना गया
तमिलनाडु ने 1998 में इसे राज्य पक्षी घोषित किया — कारण, यह दक्षिणी घाट (Western Ghats) की जैव-विविधता का प्रतीक है, तमिल संगम-साहित्य में इसका ज़िक्र 'मरगथ पुरा' के नाम से मिलता है, और यह राज्य के लगभग सभी वनों में मिलता है।
सांस्कृतिक महत्व
तमिल साहित्य में 'मरगथम' (पन्ना) रंग पवित्र माना जाता है — भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) के मंदिरों में हरे रंग का विशेष स्थान है। इस कबूतर को इसीलिए राजकीय दर्जा मिला। कई मंदिरों में इनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था होती है।
कहाँ देखें
इंदिरा गाँधी वन्यजीव अभयारण्य (टॉपस्लिप, आनैमलाई), पेरियार टाइगर रिज़र्व (सीमा के तमिलनाडु हिस्से), मुदुमलाई नेशनल पार्क, कोडाईकनाल के आस-पास के शोला वन। सुबह और शाम को ज़मीन पर आराम से चलते मिलते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज़मरुदी कबूतर घर में पालना क़ानूनी है?
नहीं। यह Wildlife Protection Act 1972 की Schedule IV में है — बिना विशेष अनुमति के पालना अवैध है। यह जंगली प्रजाति है, पालतू नहीं।
यह कबूतर बाक़ी कबूतरों से क्या अलग है?
यह ज़मीन पर ज़्यादा समय बिताता है — इसीलिए इसे 'Ground Dove' कहा जाता है। सामान्य कबूतर पेड़ों/छज्जों पर रहते हैं, यह जंगल-तल पर।
यह क्यों दुर्लभ लगता है?
दुर्लभ नहीं है — पर बहुत शर्मीला है और घने जंगल में रहता है, इसलिए शहरी लोगों को कम दिखता है। दक्षिण भारत के वर्षा-वनों में अच्छी संख्या है।
दूसरे राज्यों के पक्षी
- राजस्थान — गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड)
- उत्तर प्रदेश — सारस क्रेन
- उत्तराखंड — हिमालयन मोनाल (मुनाल)
- पंजाब — मोर
- गुजरात — ग्रेटर फ्लेमिंगो (सुरख़ाब)
- असम — सफ़ेद पंख वाली बत्तख
- बिहार — गौरैया (हाउस स्पैरो)
- कर्नाटक — इंडियन रोलर (नीलकंठ)
- पश्चिम बंगाल — व्हाइट-थ्रोटेड किंगफ़िशर (किलकिला)
- मध्य प्रदेश — दूधराज (पैराडाइज़ फ़्लाईकैचर)
- महाराष्ट्र — हरियल (यलो-फ़ुटेड ग्रीन पिजन)
- केरल — मलाबार धनेश (ग्रेट हॉर्नबिल)
- आंध्र प्रदेश — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- तेलंगाना — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- ओडिशा — नीलकंठ (इंडियन रोलर)
- छत्तीसगढ़ — पहाड़ी मैना (हिल मैना)
- झारखंड — एशियन कोयल
- हिमाचल प्रदेश — पश्चिमी ट्रैगोपैन (जुजुराना)
- जम्मू और कश्मीर — काली गर्दन वाला सारस
- लद्दाख — काली गर्दन वाला सारस
- अरुणाचल प्रदेश — ग्रेट हॉर्नबिल
- नागालैंड — ब्लीथ ट्रैगोपैन
- मणिपुर — नोंगिन (मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट)
- मेघालय — पहाड़ी मैना
- मिज़ोरम — मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट
- त्रिपुरा — हरी शाही कबूतर
- सिक्किम — रक्त-लाल फ़ीज़ेंट (ब्लड फ़ीज़ेंट)
- गोवा — पीले-गले वाली बुलबुल (फ़्लेम-थ्रोटेड)
- हरियाणा — काला तीतर
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