लद्दाख का राज्य पक्षी — काली गर्दन वाला सारस
2019 में UT बनने के बाद लद्दाख़ ने 'ब्लैक-नेक्ड क्रेन' को राज्य पक्षी बनाया — J&K की परंपरा आगे बढ़ाई।
लद्दाख़ प्रतीक
'त्रुंग-त्रुंग करमो' — तिब्बती में 'लंबी गर्दन वाला हल्का पक्षी'। बौद्ध कथाओं में शुभ।
आवास
चांगथांग की खुली घास-भूमि, त्सो कर, हानले घाटी। ऊँचाई 4000+ मीटर — दुनिया के सबसे ऊँचे प्रजनन-स्थलों में।
पर्यटन नियम
प्रजनन में घोंसले से 500 मीटर दूर रहना अनिवार्य। लद्दाख़ वन विभाग की अनुमति ज़रूरी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
J&K-लद्दाख़ का एक ही क्यों?
बंटवारे से पहले साझा राज्य। लद्दाख़ ने सांस्कृतिक जुड़ाव से अपनाया।
पर्यटक देख सकते?
हाँ — हानले, चांगथांग में जुलाई–अगस्त, दूरबीन से।
बचाने की कोशिश?
WWF-India और लद्दाख़ वन विभाग सामुदायिक निगरानी।
दूसरे राज्यों के पक्षी
- राजस्थान — गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड)
- उत्तर प्रदेश — सारस क्रेन
- उत्तराखंड — हिमालयन मोनाल (मुनाल)
- पंजाब — मोर
- गुजरात — ग्रेटर फ्लेमिंगो (सुरख़ाब)
- असम — सफ़ेद पंख वाली बत्तख
- बिहार — गौरैया (हाउस स्पैरो)
- तमिलनाडु — ज़मरुदी कबूतर (एमराल्ड डव)
- कर्नाटक — इंडियन रोलर (नीलकंठ)
- पश्चिम बंगाल — व्हाइट-थ्रोटेड किंगफ़िशर (किलकिला)
- मध्य प्रदेश — दूधराज (पैराडाइज़ फ़्लाईकैचर)
- महाराष्ट्र — हरियल (यलो-फ़ुटेड ग्रीन पिजन)
- केरल — मलाबार धनेश (ग्रेट हॉर्नबिल)
- आंध्र प्रदेश — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- तेलंगाना — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- ओडिशा — नीलकंठ (इंडियन रोलर)
- छत्तीसगढ़ — पहाड़ी मैना (हिल मैना)
- झारखंड — एशियन कोयल
- हिमाचल प्रदेश — पश्चिमी ट्रैगोपैन (जुजुराना)
- जम्मू और कश्मीर — काली गर्दन वाला सारस
- अरुणाचल प्रदेश — ग्रेट हॉर्नबिल
- नागालैंड — ब्लीथ ट्रैगोपैन
- मणिपुर — नोंगिन (मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट)
- मेघालय — पहाड़ी मैना
- मिज़ोरम — मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट
- त्रिपुरा — हरी शाही कबूतर
- सिक्किम — रक्त-लाल फ़ीज़ेंट (ब्लड फ़ीज़ेंट)
- गोवा — पीले-गले वाली बुलबुल (फ़्लेम-थ्रोटेड)
- हरियाणा — काला तीतर
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