जम्मू और कश्मीर का राज्य पक्षी — काली गर्दन वाला सारस
लद्दाख की चांगथांग घास-भूमियों में गर्मियों में आने वाला 'ब्लैक-नेक्ड क्रेन' — बौद्ध संस्कृति में 'त्रुंग-त्रुंग करमो' — पवित्र।
पहचान
1.5 मीटर लंबा राख-सफ़ेद शरीर, काला सिर-गर्दन, आँख के नीचे सफ़ेद धब्बा, लाल मुकुट। पंख फैलाव 2.4 मीटर।
बौद्ध कथा
दलाई लामा के अनुसार यह सारस उनके जन्म से जुड़े। तिब्बती-लद्दाख़ी बौद्ध संस्कृति में 'देवताओं के पक्षी'।
आवास
मई–सितंबर लद्दाख़ की चांगथांग, हानले, त्सो मोरिरी, त्सो कर में प्रजनन। सर्दियों में तिब्बत-भूटान।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कब लद्दाख़ आता है?
मई की शुरुआत में, सितंबर के अंत तक तिब्बत लौटता है।
कहाँ देखें?
चांगथांग अभयारण्य, हानले, त्सो मोरिरी — जुलाई–अगस्त।
परेशान करना अपराध?
हाँ — WPA Schedule I। घोंसले के पास जाना अपराध।
दूसरे राज्यों के पक्षी
- राजस्थान — गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड)
- उत्तर प्रदेश — सारस क्रेन
- उत्तराखंड — हिमालयन मोनाल (मुनाल)
- पंजाब — मोर
- गुजरात — ग्रेटर फ्लेमिंगो (सुरख़ाब)
- असम — सफ़ेद पंख वाली बत्तख
- बिहार — गौरैया (हाउस स्पैरो)
- तमिलनाडु — ज़मरुदी कबूतर (एमराल्ड डव)
- कर्नाटक — इंडियन रोलर (नीलकंठ)
- पश्चिम बंगाल — व्हाइट-थ्रोटेड किंगफ़िशर (किलकिला)
- मध्य प्रदेश — दूधराज (पैराडाइज़ फ़्लाईकैचर)
- महाराष्ट्र — हरियल (यलो-फ़ुटेड ग्रीन पिजन)
- केरल — मलाबार धनेश (ग्रेट हॉर्नबिल)
- आंध्र प्रदेश — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- तेलंगाना — पाल-पिट्टा (इंडियन रोलर)
- ओडिशा — नीलकंठ (इंडियन रोलर)
- छत्तीसगढ़ — पहाड़ी मैना (हिल मैना)
- झारखंड — एशियन कोयल
- हिमाचल प्रदेश — पश्चिमी ट्रैगोपैन (जुजुराना)
- लद्दाख — काली गर्दन वाला सारस
- अरुणाचल प्रदेश — ग्रेट हॉर्नबिल
- नागालैंड — ब्लीथ ट्रैगोपैन
- मणिपुर — नोंगिन (मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट)
- मेघालय — पहाड़ी मैना
- मिज़ोरम — मिसेज़ ह्यूम्स फ़ीज़ेंट
- त्रिपुरा — हरी शाही कबूतर
- सिक्किम — रक्त-लाल फ़ीज़ेंट (ब्लड फ़ीज़ेंट)
- गोवा — पीले-गले वाली बुलबुल (फ़्लेम-थ्रोटेड)
- हरियाणा — काला तीतर
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