🪶पंख कथा

जम्मू और कश्मीर का राज्य पक्षी — काली गर्दन वाला सारस

लद्दाख की चांगथांग घास-भूमियों में गर्मियों में आने वाला 'ब्लैक-नेक्ड क्रेन' — बौद्ध संस्कृति में 'त्रुंग-त्रुंग करमो' — पवित्र।

पहचान

1.5 मीटर लंबा राख-सफ़ेद शरीर, काला सिर-गर्दन, आँख के नीचे सफ़ेद धब्बा, लाल मुकुट। पंख फैलाव 2.4 मीटर।

बौद्ध कथा

दलाई लामा के अनुसार यह सारस उनके जन्म से जुड़े। तिब्बती-लद्दाख़ी बौद्ध संस्कृति में 'देवताओं के पक्षी'।

आवास

मई–सितंबर लद्दाख़ की चांगथांग, हानले, त्सो मोरिरी, त्सो कर में प्रजनन। सर्दियों में तिब्बत-भूटान।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कब लद्दाख़ आता है?

मई की शुरुआत में, सितंबर के अंत तक तिब्बत लौटता है।

कहाँ देखें?

चांगथांग अभयारण्य, हानले, त्सो मोरिरी — जुलाई–अगस्त।

परेशान करना अपराध?

हाँ — WPA Schedule I। घोंसले के पास जाना अपराध।

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