🪶पंख कथा

पक्षियों के घोंसले — कौन कैसा घर बनाता है

पक्षियों के घोंसले — कौन कैसा घर बनाता है — हिंदी में विस्तृत जानकारी और तस्वीर

घोंसला पक्षी का घर नहीं, नर्सरी है — वह उसमें रहता नहीं, केवल अंडे और चूज़े पालता है। भारत के पक्षियों ने घोंसला बनाने की जो विविध तकनीकें विकसित की हैं, वे किसी इंजीनियरिंग पाठ से कम नहीं।

बुना हुआ घोंसला — बया

बया वीवर का लटकता घोंसला भारत की सबसे मशहूर पक्षी-वास्तुकला है। नर अकेले घास की 500 से ज़्यादा पट्टियों को गाँठ लगाकर बुनता है, और अधूरा घोंसला दिखाकर मादा को चुनने का मौक़ा देता है। मादा पसंद कर ले तभी नर उसे पूरा करता है। कई घोंसले एक ही ताड़ या बबूल पर कॉलोनी बनाते हैं।

सिला हुआ घोंसला — दर्ज़ी चिड़िया

टेलरबर्ड (दर्ज़ी चिड़िया) बड़े पत्ते के किनारों में चोंच से छेद करके मकड़ी के जाले या पौधे के रेशे से उन्हें सचमुच सिल देती है, और भीतर कपास जैसा मुलायम बिछौना बनाती है। यह घोंसला बाहर से लगभग अदृश्य रहता है — शिकारियों से बचाव की बेहतरीन तरकीब।

कोटर और दीवार के घोंसले

हुदहुद, उल्लू, कठफोड़वा, तोता और मैना पेड़ों की कोटरों में घोंसला बनाते हैं। ग्रेट हॉर्नबिल की मादा तो कोटर में घुसकर मिट्टी और बीट से मुँह बंद कर लेती है, केवल एक दरार छोड़कर, जिससे नर उसे और चूज़ों को महीनों तक खाना खिलाता है। गौरैया और कबूतर इंसानी इमारतों की दरारों को यही कोटर मान लेते हैं।

ज़मीन और पानी के घोंसले

टिटहरी खुली ज़मीन पर बिना घोंसले के सिर्फ़ कंकड़ों के बीच अंडे देती है — छलावरण ही सुरक्षा है। जकाना तैरते पत्तों पर घोंसला बनाती है और ख़तरा आने पर अंडों को पंखों के नीचे दबाकर ले जाती है। सारस नमभूमि में घास का बड़ा टीला बनाता है।

जो घोंसला बनाते ही नहीं

कोयल घोंसला नहीं बनाती — वह कौवे के घोंसले में अंडा रख देती है और कौवा ही उसका चूज़ा पालता है। इसे 'ब्रूड पैरासिटिज़्म' कहते हैं। भारत में कोयल-कौवा और कॉमन हॉक-कुक्कू जैसे कई उदाहरण मिलते हैं।

घोंसले और क़ानून

भारत के वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत जंगली पक्षियों के घोंसले, अंडे या चूज़े को नुक़सान पहुँचाना दंडनीय अपराध है। यदि घर की मरम्मत के दौरान घोंसला बाधा बन रहा हो तो प्रजनन-काल समाप्त होने तक प्रतीक्षा कीजिए या स्थानीय वन विभाग से संपर्क कीजिए।

✍️ संपादकीय और तथ्य-जाँच नीति

पंख कथा के हर लेख की जानकारी कम-से-कम तीन स्वतंत्र स्रोतों से जाँची जाती है — Bombay Natural History Society (BNHS), eBird / Cornell Lab, और IUCN Red List। स्थानीय लोक-कथाएँ क्षेत्रीय स्रोतों से लेकर स्पष्ट रूप से चिह्नित की जाती हैं। यदि आपको कोई त्रुटि दिखे तो हमें बताइए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबसे कुशल घोंसला बनाने वाला भारतीय पक्षी कौन है?

बया वीवर — नर अकेले घास की सैकड़ों पट्टियों को गाँठ लगाकर लटकता घोंसला बुनता है।

क्या कोयल सचमुच घोंसला नहीं बनाती?

हाँ। वह कौवे के घोंसले में अंडा रख देती है और पालन-पोषण कौवा ही करता है।

गिरे हुए चूज़े का क्या करें?

अगर पंख आ चुके हैं तो वह उड़ना सीख रहा है — उसे छोड़ दीजिए। पूरी तरह नंगा चूज़ा हो तो सावधानी से घोंसले में वापस रखिए।

क्या घोंसला हटाना क़ानूनी है?

सक्रिय घोंसला (अंडे या चूज़े सहित) हटाना वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत अपराध है।

कृत्रिम घोंसला-बॉक्स किन पक्षियों के लिए काम करता है?

गौरैया, मैना, तोता, दयाल और छोटे उल्लुओं के लिए — बस छेद का नाप प्रजाति के हिसाब से सही होना चाहिए।

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