बुलबुल के बारे में जानकारी

बुलबुल (अंग्रेज़ी: Bulbul) भारत के बग़ीचों की सबसे रोमांटिक पक्षी है। सिर पर खड़ी काली कलगी, चमकीली आँखें, और एक ऐसी मीठी आवाज़ जिसने हज़ार सालों से उर्दू-फ़ारसी कविता को सजाया है। मीर तक़ी मीर से लेकर ग़ालिब तक — हर शायर ने बुलबुल को गाया है।
आवाज़ का विवरण (transcript)
बुलबुल की आवाज़ मीठी, सुरीली ‘पीटी-पीटी’ — सुबह-शाम बग़ीचे में गूँजती है इस रिकॉर्डिंग में आप उसी विशिष्ट पुकार को साफ़ सुन सकते हैं, जिससे बुलबुल (Red-vented Bulbul) को दूर से भी पहचाना जा सकता है।
रिकॉर्डिंग: Wikimedia Commons (CC-BY-SA)
बुलबुल की पहचान
लाल-गुदा बुलबुल लगभग 20 सेमी लंबी होती है। काले रंग का सिर और सिर पर सीधी खड़ी कलगी, भूरा शरीर, सफ़ेद पेट और पूँछ के नीचे चटक लाल रंग — पहचानने में बेहद आसान। नर और मादा दिखने में लगभग एक जैसे होते हैं।
बुलबुल की मीठी तान
बुलबुल भोर और सूर्यास्त के समय सबसे अधिक गाती है। उसकी आवाज़ में लगभग 20 अलग-अलग ध्वनियाँ होती हैं — कभी सीटी, कभी सिसकी, कभी तेज़ चहक। नर मादा को आकर्षित करने के लिए लंबा गीत गाता है।
घोंसला और परिवार
बुलबुल घनी झाड़ियों या नीचे की डालियों पर कप जैसा सुंदर घोंसला बनाती है — सूखी घास, बाल और मकड़ी के जाले से। मादा 2–3 गुलाबी अंडे देती है, और 14 दिन में बच्चे निकल आते हैं। माँ-बाप दोनों मिलकर बच्चों को कीड़े खिलाते हैं।
सूफ़ी कविता में बुलबुल
‘बुलबुल-ए-गुलिस्ताँ’ — गुलाब के बग़ीचे की बुलबुल — सूफ़ी कविता में आत्मा (बुलबुल) और परमात्मा (गुलाब) के बीच के अमर प्रेम का प्रतीक है। इक़बाल, ग़ालिब, मीर — सबकी शायरी बुलबुल के बिना अधूरी है।
अपने बग़ीचे में बुलबुल बुलाएँ
गमले में 1 अमरूद या पपीते का पौधा लगाएँ — फल पकने पर बुलबुल ख़ुद आ जाएगी। बालकनी में कटे फल का टुकड़ा रखें। कीटनाशक से बचें। गुड़हल और गेंदे के फूल लगाएँ — फूलों का रस बुलबुल को बहुत पसंद है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बुलबुल का वैज्ञानिक नाम क्या है?
लाल-गुदा बुलबुल का वैज्ञानिक नाम Pycnonotus cafer है। भारत में बुलबुल की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
बुलबुल किस लिए प्रसिद्ध है?
बुलबुल अपनी मीठी, सुरीली आवाज़ और सिर पर खड़ी काली कलगी के लिए प्रसिद्ध है। सूफ़ी कविता में ‘बुलबुल-ए-गुलिस्ताँ’ प्रेम और कविता का प्रतीक है।
बुलबुल कहाँ रहती है?
बुलबुल बग़ीचों, झाड़ियों, खेतों के किनारों और शहरी पार्कों में रहती है। यह घनी झाड़ियों में घोंसला बनाती है।
बुलबुल क्या खाती है?
बुलबुल फल (अमरूद, पपीता, अंजीर), फूलों का रस और कीड़े-मकोड़े खाती है। यह सर्वाहारी (omnivore) है।
क्या बुलबुल पालना क़ानूनी है?
नहीं। बुलबुल भारत की संरक्षित पक्षी है। इसे पिंजरे में रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन है।
बुलबुल की कितनी उम्र होती है?
बुलबुल की औसत उम्र 8–10 साल होती है। संरक्षित परिस्थितियों में यह 12 साल तक भी जी सकती है।