🪶पंख कथा

बाज़ पक्षी के बारे में जानकारी

बाज़ पक्षी के बारे में जानकारी

बाज़ (अंग्रेज़ी: Falcon) पृथ्वी का सबसे तेज़ जीव है। गोता लगाते समय इसकी रफ़्तार एक तेज़ रफ़्तार ट्रेन से तीन गुना ज़्यादा होती है। राजपूत राजाओं की कलाई पर बाज़, मुग़ल बादशाहों के शिकार में बाज़ — सदियों से यह पक्षी शक्ति, गति और राज-गौरव का प्रतीक रहा है।

आवाज़ कैसी है: तेज़, तीखी ‘कैक-कैक-कैक’ चेतावनी पुकार — घोंसले के पास सुनी जाती है
आवाज़ का विवरण (transcript)

बाज़ की आवाज़ तेज़, तीखी ‘कैक-कैक-कैक’ चेतावनी पुकार — घोंसले के पास सुनी जाती है इस रिकॉर्डिंग में आप उसी विशिष्ट पुकार को साफ़ सुन सकते हैं, जिससे बाज़ (Peregrine Falcon) को दूर से भी पहचाना जा सकता है।

रिकॉर्डिंग: Wikimedia Commons (CC-BY-SA)

बाज़ की पहचान

बाज़ मध्यम आकार का शिकारी पक्षी है — 30–50 सेमी लंबा। नुकीले लंबे पंख, चौड़ी पूँछ, बड़ी पीली आँखें, मुड़ी हुई तेज़ चोंच और बेहद मज़बूत पंजे। शाहीन बाज़ (Peregrine) के सिर पर काली ‘हेलमेट’ जैसी पट्टी होती है।

320 किमी/घंटा का गोता

जब बाज़ ऊपर से शिकार पर गोता लगाता है (‘stoop’), तो उसकी रफ़्तार 320–390 किमी/घंटा तक पहुँच जाती है। इस रफ़्तार पर हवा का दबाव इतना ज़बरदस्त होता है कि उसकी नाक के अंदर एक ख़ास हड्डी की संरचना होती है — जो हवा को मोड़कर साँस लेने देती है।

शिकार की कला

बाज़ कबूतर, बत्तख, छोटे पक्षी और चूहों का शिकार करता है। वह आसमान में 500–1000 मीटर ऊपर उड़ता है, फिर अचानक गोता लगाकर शिकार को हवा में ही मार देता है। एक बाज़ साल में 1000+ छोटे पक्षियों का शिकार कर सकता है।

बाज़ और भारतीय इतिहास

अकबर के दरबार में 1000 से ज़्यादा बाज़ रखे जाते थे। मुग़ल लघुचित्रों में बादशाह की कलाई पर बैठा बाज़ राज-शक्ति का प्रतीक है। राजस्थान के राजपूत राजाओं के लिए बाज़ का शिकार ‘फ़ाल्कनरी’ कला थी। आज यह कला यूएई और मंगोलिया में जीवित है।

घटती संख्या और संरक्षण

DDT कीटनाशक के कारण 1960–70 में बाज़ की आबादी 90% तक घट गई थी। प्रतिबंध के बाद संख्या बढ़ी, पर आज भी अवैध शिकार और घोंसले के पेड़ों का कटना ख़तरा है। भारत में Shaheen Falcon पाकिस्तान का राष्ट्रीय पक्षी है, और हमारे यहाँ संरक्षित है।

और पढ़ें — संबंधित ब्लॉग

हिंदी में और पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाज़ की रफ़्तार कितनी होती है?

पेरिग्रिन फ़ाल्कन (Peregrine Falcon) गोता लगाते समय 320–390 किमी/घंटा तक की रफ़्तार पकड़ता है — यह पृथ्वी का सबसे तेज़ जीव है।

बाज़ कितनी दूर तक देख सकता है?

बाज़ की आँखें मनुष्यों से 8 गुना तेज़ हैं। 1 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी पर बैठे चूहे को भी वह देख सकता है।

क्या बाज़ और चील एक ही पक्षी हैं?

नहीं। बाज़ (Falcon) छोटा और तेज़ है, चील (Eagle) बड़ी और शक्तिशाली। दोनों शिकारी पक्षी हैं पर अलग परिवारों से।

बाज़ कहाँ पाया जाता है?

भारत में बाज़ की लगभग 12 प्रजातियाँ पाई जाती हैं — हिमालय, राजस्थान का रेगिस्तान, पश्चिमी घाट और तटीय इलाक़ों में।

बाज़ की कितनी प्रजातियाँ संकट में हैं?

Saker Falcon और Laggar Falcon ‘असुरक्षित’ (Vulnerable) श्रेणी में हैं। शिकार, ज़हरीली खाद और घोंसले के पेड़ों का कटना मुख्य ख़तरे हैं।

क्या भारत में बाज़ पालना क़ानूनी है?

नहीं। भारतीय बाज़ की सभी प्रजातियाँ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित हैं — पालना दंडनीय अपराध है।

📱 60-सेकंड वेब स्टोरी
🦅 बाज़ — सबसे तेज़ शिकारी — टैप-थ्रू स्टोरी
मोबाइल पर सबसे अच्छी अनुभूति। दोस्तों के साथ साझा करें।
अगला लेख →
🦚 मोर — राष्ट्रीय पक्षी
हिंदी में पढ़ें — पूरी जानकारी, तस्वीरें और रोचक तथ्य।