🪶पंख कथा

उल्लू के बारे में जानकारी

उल्लू के बारे में जानकारी

उल्लू (अंग्रेज़ी: Owl) रात का सबसे ख़ामोश शिकारी है। ‘उल्लू का पट्ठा’ जैसे मुहावरे ने इसे मूर्ख बना दिया, पर सच यह है कि उल्लू पृथ्वी के सबसे बुद्धिमान और कुशल पक्षियों में से एक है। यह 200 मीटर दूर से चूहे की हल्की आहट सुन सकता है।

आवाज़ कैसी है: तीखी, कर्कश ‘चिर्र-चिर्र’ हँसी जैसी पुकार — रात में दूर तक गूँजती है
आवाज़ का विवरण (transcript)

उल्लू की आवाज़ तीखी, कर्कश ‘चिर्र-चिर्र’ हँसी जैसी पुकार — रात में दूर तक गूँजती है इस रिकॉर्डिंग में आप उसी विशिष्ट पुकार को साफ़ सुन सकते हैं, जिससे उल्लू (Spotted Owlet) को दूर से भी पहचाना जा सकता है।

रिकॉर्डिंग: Wikimedia Commons (CC-BY-SA)

उल्लू की पहचान

बड़ा गोल सिर, बड़ी-बड़ी आगे की ओर देखती आँखें, मुड़ी हुई तेज़ चोंच और मुलायम पंख — उल्लू को पहचानना आसान है। उसके पंखों की संरचना ऐसी होती है कि उड़ते समय बिल्कुल आवाज़ नहीं होती — शिकार को पता ही नहीं चलता।

रात में देखने का राज़

उल्लू की आँखों में मनुष्यों से 100 गुना ज़्यादा ‘रॉड कोशिकाएँ’ (rod cells) होती हैं — जो कम रोशनी में देखने में मदद करती हैं। उसकी आँखें घूम नहीं सकतीं, इसलिए वह गर्दन को 270° घुमा लेता है।

सुनने की अद्भुत क्षमता

उल्लू के दो कान अलग-अलग ऊँचाई पर होते हैं — यह असमानता उसे ध्वनि की सटीक दिशा बताती है। पूरी अंधेरी रात में, सिर्फ़ आवाज़ से, वह बर्फ़ के नीचे छिपे चूहे को भी पकड़ सकता है।

उल्लू और भारतीय संस्कृति

वेदों में उल्लू को ‘उलूक’ कहा गया है — देवी लक्ष्मी का वाहन। दिवाली की रात तांत्रिक अंधविश्वासों के कारण उल्लू का शिकार बढ़ जाता है, जो ग़ैर-क़ानूनी है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत उल्लू का शिकार दंडनीय अपराध है।

किसान का सबसे बड़ा दोस्त

एक उल्लू एक रात में 5–6 चूहे खा सकता है। मतलब सालभर में 1500+ चूहे — यानी क्विंटलों अनाज की बचत। जहाँ उल्लू ज़्यादा, वहाँ किसान को कीटनाशक की कम ज़रूरत। उल्लू को मारना मतलब अपने ही खेत को नुक़सान पहुँचाना।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या उल्लू सच में मूर्ख होता है?

नहीं। यह सिर्फ़ एक मुहावरा है। वैज्ञानिक रूप से उल्लू बेहद तेज़ शिकारी है — पूरी अंधेरी रात में पत्ते की हल्की हलचल से चूहे को पकड़ सकता है।

उल्लू कितना गर्दन घुमा सकता है?

उल्लू अपनी गर्दन 270 डिग्री तक घुमा सकता है क्योंकि उसकी आँखें घूम नहीं सकतीं। उसकी गर्दन में इंसान से दोगुनी हड्डियाँ होती हैं।

उल्लू दिन में क्यों नहीं दिखता?

उल्लू निशाचर (nocturnal) पक्षी है — दिन में पेड़ की खोह या घनी पत्तियों में आराम करता है, और रात में शिकार पर निकलता है।

क्या उल्लू लक्ष्मी का वाहन है?

हाँ। हिंदू धर्म में उल्लू देवी लक्ष्मी का वाहन है। दिवाली पर उल्लू को नुक़सान पहुँचाना पाप माना जाता है। दुर्भाग्य से तंत्र-मंत्र की अंधी मान्यताओं के कारण इसका शिकार होता है।

भारत में उल्लू की कितनी प्रजातियाँ हैं?

भारत में उल्लू की लगभग 36 प्रजातियाँ पाई जाती हैं — Spotted Owlet, Barn Owl, Eurasian Eagle-Owl, Brown Fish Owl और Forest Owlet प्रमुख हैं।

उल्लू क्या खाता है?

उल्लू मुख्य रूप से चूहे, छिपकली, छोटे पक्षी, मेंढक और कीड़े खाता है। एक उल्लू साल भर में 1000 से ज़्यादा चूहे खा सकता है — इसलिए यह किसानों का सच्चा दोस्त है।

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