मोर के बारे में जानकारी
मोर (अंग्रेज़ी: Peacock, वैज्ञानिक नाम: Pavo cristatus) भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। नीले-हरे चमकदार पंख, सिर पर छोटा-सा मुकुट और बारिश में नाचने वाली अदा — मोर सिर्फ़ एक पक्षी नहीं, भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इस लेख में जानें मोर के बारे में सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।
आवाज़ का विवरण (transcript)
मोर की आवाज़ तेज़ ‘मे-आँव’ जैसी पुकार — बारिश से पहले अक्सर सुनाई देती है इस रिकॉर्डिंग में आप उसी विशिष्ट पुकार को साफ़ सुन सकते हैं, जिससे मोर (Indian Peafowl) को दूर से भी पहचाना जा सकता है।
रिकॉर्डिंग: Wikimedia Commons (CC-BY-SA)
मोर की पहचान
नर मोर लगभग 100–115 सेमी लंबा होता है। उसका सिर, गर्दन और छाती गहरे नीले रंग की होती है। पीठ पर हरे और सुनहरे पंख और सबसे ख़ास — 200 से अधिक लंबे पंखों की 'ट्रेन' जो असल में पूँछ नहीं है। मोरनी छोटी, मटमैले भूरे रंग की होती है।
मोर के पंखों का रहस्य
मोर के पंखों के 'आँख' जैसे निशान सूक्ष्म क्रिस्टल संरचनाओं से बनते हैं। रंग किसी पेंट से नहीं — प्रकाश के बिखरने (structural colour) से बनते हैं। यही वजह है कि कोण बदलते ही पंख का रंग बदल जाता है।
मोर कहाँ पाया जाता है
मोर पूरे भारत में मिलता है — राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत तक। यह श्रीलंका में भी पाया जाता है। मोर खुले खेत, हल्के जंगल और गाँव के पास रहना पसंद करता है।
मोर के बारे में 5 रोचक तथ्य
(1) मोर 4–6 किलो वज़न के बावजूद उड़ सकता है। (2) मोर की पुकार 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है। (3) हर साल मानसून के बाद उसके पंख झड़ जाते हैं और नए उग आते हैं। (4) मोर अपने इलाक़े के साँप, बिच्छू और चूहों को खाकर किसानों की मदद करता है। (5) मोर का संरक्षण भारतीय वन्यजीव अधिनियम 1972 के तहत किया गया है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोर कितने प्रकार के होते हैं?
दुनिया में मोर की तीन मुख्य प्रजातियाँ हैं — भारतीय मोर (Pavo cristatus), हरा मोर (Pavo muticus) और कांगो मोर। भारत में मिलने वाला नीला मोर ही राष्ट्रीय पक्षी है।
मोर का राष्ट्रीय पक्षी कब घोषित किया गया?
26 जनवरी 1963 को भारत सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था।
मोर की उम्र कितनी होती है?
जंगल में मोर औसतन 15–20 साल जीता है, और संरक्षित वातावरण (चिड़ियाघर) में 40 साल तक जी सकता है।
मोर क्या खाता है?
मोर सर्वाहारी पक्षी है — अनाज, फल, छोटे साँप, कीड़े-मकौड़े और छिपकलियाँ खाता है। यही कारण है कि जहाँ मोर रहते हैं वहाँ साँप कम आते हैं।
क्या मोरनी भी सुंदर होती है?
मोरनी छोटे आकार की होती है और उसके पास लंबे रंगीन पंख नहीं होते। यह छलावरण है — अंडे सेते समय वह आसपास की मिट्टी में मिल जाती है।
मोर कब नाचता है?
मानसून आने पर और प्रजनन काल (जुलाई–सितंबर) में नर मोर मोरनी को आकर्षित करने के लिए नाचता है।