🪶पंख कथा

भारत का राष्ट्रीय पक्षी — मोर

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर (Pavo cristatus) है। 26 जनवरी 1963 को भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था। मोर सिर्फ़ एक सुंदर पक्षी नहीं — यह भारतीय सभ्यता, कला, धर्म और प्रकृति का जीवंत प्रतीक है।

आवाज़ कैसी है: तेज़ ‘मे-आँव’ जैसी पुकार — बारिश से पहले अक्सर सुनाई देती है
आवाज़ का विवरण (transcript)

मोर की आवाज़ तेज़ ‘मे-आँव’ जैसी पुकार — बारिश से पहले अक्सर सुनाई देती है इस रिकॉर्डिंग में आप उसी विशिष्ट पुकार को साफ़ सुन सकते हैं, जिससे मोर (Indian Peafowl) को दूर से भी पहचाना जा सकता है।

रिकॉर्डिंग: Wikimedia Commons (CC-BY-SA)

मोर को राष्ट्रीय पक्षी क्यों चुना गया

चुनाव की चार वजहें थीं — (1) मोर पूरे भारत में मिलता है, किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं। (2) हर भारतीय, चाहे शिक्षित हो या न हो, मोर को पहचानता है। (3) मोर भारतीय संस्कृति में हज़ारों साल से बसा है — कृष्ण के मुकुट से लेकर मुगल सिंहासन तक। (4) यह केवल भारतीय उपमहाद्वीप में स्वतः मिलता है।

मोर की सांस्कृतिक यात्रा

ऋग्वेद में मोर का उल्लेख है। कृष्ण मोर पंख पहनते हैं, कार्तिकेय की सवारी मोर है, और सरस्वती के साथ भी मोर दिखाया जाता है। राजपूतों के दरबार से लेकर मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के ‘तख़्त-ए-ताऊस’ (मयूर सिंहासन) तक — मोर भारतीय राजसी प्रतीक रहा है।

मोर का संरक्षण

मोर को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I में रखा गया है — जो कि बाघ के बराबर का सर्वोच्च संरक्षण है। मोर का शिकार करना, उसे पकड़ना या उसके पंख व्यापारिक उद्देश्य से बेचना दंडनीय अपराध है।

क्या आप जानते हैं?

कई राज्यों ने भी अपने राज्य पक्षी चुने हैं — उत्तर प्रदेश का सारस, हिमाचल का जुजुराना, उत्तराखंड का मोनाल, राजस्थान का गोडावन, केरल का महा-धनेश। हर राज्य के पक्षी की अपनी कहानी है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन है?

भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर (Indian Peacock / Pavo cristatus) है।

मोर को राष्ट्रीय पक्षी कब घोषित किया गया?

26 जनवरी 1963 को भारत सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया।

मोर को ही क्यों चुना गया?

मोर पूरे भारत में पाया जाता है, हर भारतीय इसे पहचानता है, यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है (कृष्ण मुकुट, कार्तिकेय वाहन), और यह केवल भारतीय उपमहाद्वीप में मूल रूप से मिलता है।

क्या मोर को मारना अपराध है?

हाँ। मोर को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I में रखा गया है। मोर का शिकार करना दंडनीय अपराध है।

भारत के अन्य राष्ट्रीय प्रतीक पक्षी से जुड़े कौन से हैं?

राष्ट्रीय पशु बाघ, राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फ़िन और राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है। मोर इन सब के साथ भारत के प्राकृतिक प्रतीकों का हिस्सा है।

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